Rose Day Shayari In Hindi | हैप्पी रोज डे शायरी

 

Rose Day Shayari In Hindi | हैप्पी रोज डे शायरी


गुलाब एक ऐसा फूल, जिसकी खूबसूरती और खुशबू से हर कोई वाकिफ होगा। मगर इसका विशेष महत्व असल में वही जानता है जिसने 07 फ़रवरी को इसी गुलाब दिवस पर एक गुलाब से अपनी मोहब्बत का इजहार किया हो अपने प्रेम कहानी की नयी शुरुवात की हो। अपने प्रेम रूपी गाडी को एक नयी उम्मीद के साथ धक्का लगाया हो। कुछ लोग इसमें से नाकाम भी हुए, जैसे कि- मैं, हाँ हम जैसे लोग ही शायरी लिखने की जुर्रत किया करते है।

"ये नाकामियत भी न कभी-कभी इंसानियत में बदल जाती है, हम जैसे लोगों को शायर बना के ही छोड़ती है।" 

गुलाब पूरी दुनिया में जितना रंग के लिए मशहूर है न, उतना ही यह भारत में अपने ढंग के लिए बदनाम भी बहुत है। पता नही इसे कौन इतना बदनाम करके रखा है। लेकिन जो भी हो उपमा अलंकार बनाने में इसका कोई तोड़ नही, इसे कभी ज़िंदगी से जोड़ देते है तो कभी अपनी प्रेमिका से, प्रेमिका से याद आया। कि- हम छोटे-मोटे शायर हो या छोटे-मोटे आशिक़, दिन भर इस पर रिसर्च किया करते है कि- उसका होंठ गुलाब सा, उसका चेहरा गुलाब सा, वो कली सी, ये दुनिया कांटे सी, और पता नही क्या-क्या ख्याल बुना करते है। आज इसी ख़याल को मैंने कुछ शब्दों में बाँध दिया है। क्या करें ख्याल न करे तो क्या करे, आखिर किसका इंतज़ार करें। अपना दुःख न बताये, प्यार भरी शायरी न सुनाए। क्या करें ? इसके आगे हम कुछ सोच ही नही पाते, मगर आप लोगों को शायद नही पता होगा कि-गुलाब पेट दर्द में भी काम आता है। अगर इश्क़ में गलती से कही बीमार हो गये तो डिप्रेशन का भी अच्छे से इलाज़ करता है।

हालांकि मुझे इसका कुछ ज्यादा तजुर्बा नही मगर कह सकता हूँ कि- तोहफा भेजना हो या किसी का दिल जीतना हो, गुलाब बहुत काम आता है। भई मैं तो कहता हूँ कि- ये आपका संस्कार भी बता देता है। स्कूल में लेकर पहुँच गये तो आशिको में नाम दर्ज हो जाता है, मोहल्ले में कही दिख गए तो दीवाना, ये बात घर पहुँची तो परवाना। बाकी आपकी गणित क्या कहती है आप ही जानो।

मैं तो कहूंगा कि- एक नई कल्पना और एहसास के साथ इस रस्म को ज़रूरतमंद को हँसाने और उनका दुःख दर्द बांटने में किया जाना चाहिए,  आप मित्रता का हाथ बढ़ाते है अच्छी बात है मगर इस गुलाब को साक्षी मानकर आपने जिसका विश्वास जीता है उसे कभी अकेला नही छोड़ेंगे, इस रिश्ते को हर मोड़ पर ऐसे ही मिन्नतों से सुलझाते रहेंगे। गुलाब दिवस वरन लड़की-लड़के का त्यौहार नही बल्कि सौहार्द्य का है, स्नेह का है। जो काम हम रोज़ नही कर पाते वो एक खास मौके पर करते है। तो आये मिलकर मित्रता का हाथ बढ़ाये। जितना हो सके फूलों की कद्र करे, लोगो के मनोभाव को समझे। छोटी दुकानों से ही फूल ख़रीदे और उन्हें भी एक गुलाब तोहफे में दे। एक अच्छा सन्देश फैलाये किसी की मदद करें। इससे बेहतर और क्या होगा। गुलाब प्रेम का प्रतीक होने के कारण सभी उम्र का लिहाज़ करता है। ज़रूरी नही ये प्रेमिका को ही दिया जाए। इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।

गुलाब दिवस पर  गुलाब जैसा कांटो में भी मुस्कुराना सीखें, जहाँ भी रहे अपने काम और गुण  से महकते रहे।  कुछ हसीन लफ़्ज़ों में दिलकश गुलाब शायरी का नायाब पेशकश है इसका लुत्फ़ उठाये, मुझे उम्मीद है कि- आपको गुलाब दिवस पर ये चुनिंदा शायरी अवश्य पसंद आएगी। Rose Day Shayari In Hindi | हैप्पी रोज डे शायरी



दिन ऐसे ढला कोई शाम ना था
एक भी गुलाब मेरे नाम न था

 

Din Aise Dhala Ki Koi Shaam N Tha

      Ek Bhi Gulaab Mere Naam N Tha -Nihal Srivastava


 

अनवर मिरी नज़र को ये किस की नज़र लगी
गोभी का फूल मुझ को लगे है गुलाब का – अनवर मसूद


Anwar Meri Nazar Ko Ye Kis Ki Nazar Lagi

      Gobhi Ka Phool Mujh Ko Lage Hai Gulaab Ka -Anwar Masood


 

अज़ाब होती हैं अक्सर शबाब की घड़ियां
गुलाब अपनी ही ख़ुश्बू से डरने लगते हैं -बद्र वास्ती


Ajaab Hoti Hai Aksar Shaab Ki Ghadiyaa

       Gulaab Apni Hi Khusbu Se Darne Lagte Hai -Badr Vaasti


 

वो क़हर था कि रात का पत्थर पिघल पड़ा
क्या आतिशीं गुलाब खिला आसमान पर -ज़फ़र इक़बाल

 

Wo Kahar Tha Ki Raat Ka Patthar Pighal Pada

Kya Aatishi Gulaab Khila Aasmaan Par -Zafar Iqbal


 

वाह क्या इस गुल-बदन का शोख़ है रंग-ए-बदन
जामा-ए-आबी अगर पहना गुलाबी हो गया– मुज़फ़्फ़र अली असीर


Waah Kya Is Gul-Badan Ka Shokh Hai Rang-e-Badan

      Zaama-a-Aaabi Agar Pehana Gulaabi Ho Gaya -Mujaffar Ali Aseer


 

Rose Shayari Wallpaper

Rose Day Shayari In Hindi | हैप्पी रोज डे शायरी



मेरे होंटों पे ख़ामुशी है बहुत
 इन गुलाबों पे तितलियां रख दे -शकील आज़मी


Mere Hontho Pe Khamoshi Hai Bahut

In Gulaabon Pe Titaliyaan Rakh De -Shakeel Aazami


 

फूल तो फूल हैं आँखों से घिरे रहते हैं
काँटे बे-कार हिफ़ाज़त में लगे रहते हैं


Phool Toh Phool Hai Aankho Se Ghire Rehate Hai

Kaante Be-Kaar Hifazat Me Lage Rehate Hai


 

सुनो कि अब हम गुलाब देंगे गुलाब लेंगे
मोहब्बतों में कोई ख़सारा नहीं चलेगा- जावेद अनवर


Suno Ki Ab Hum Gulaab Denge Gulaab Lenge

Mohabbaton Me Koi Khasaara Nahi Chalega -Jaaved Anwar


 

जो रंग गुलाब में नही पुरे हयात में नही
वो सब उसके बात में है जज़्बात में है


Jo Rang Gulaab Me Nahi Poore Hayaat Me Nahi

    Wo Sab Uske Baat Me Hai Zajbaat Me Hai -Nihal Srivastava


 

Rose Shayari Image

Rose Day Shayari In Hindi | हैप्पी रोज डे शायरी



बड़े ही चुपके से भेजा था मेरे मेहबूब ने मुझे एक गुलाब,
कम्भख्त उसकी खुशबू ने सारे शहर में हंगामा कर दिया


Bade Hi Chupke Se Bheja Tha Mere Mehbob Ne Mujhe Ek Gulaab

Kambakht Uski Khusbu Ne Saare Shehar Me Hungama Kar Diya


 

तुझे भुलाने की कोसिस तो बहुत की थी,

पर तेरी यादें गुलाब की शाख है जो रोज महकती है


Tujhe Bhulaane Ki Koshish Toh Bahut Ki Thi

Par Teri Yaade Gulaab Ki Shaakh Hai Jo Roz Mehakati Hai


 

किसी ने मुझ से कह दिया था ज़िंदगी पे ग़ौर कर
मैं शाख़ पर खिला हुआ गुलाब देखता रहा -अफ़ज़ाल फ़िरदौस

 

Kisi Ne Mujh Se Keh Diya Tha Zindagi Pe Gaur Kar

Mai Shaakh Par Khila Hua Gulaab Dekhata Raha -Afzal Firdaus


 

काटें तो आने ही थे हमारे नसीब में
हमने यार भी तो गुलाब जैसा चुना था

 

Kaante Toh Aaane Hi The Hamare Naseeb Me

Hamne Yaar Bhi Toh Gulaab Jaisa Chuna Tha



Happy Rose Day Shayari



सुना है उस के लबों से गुलाब जलते हैं
सो हम बहार पे इल्ज़ाम धर के देखते हैं - अहमद फ़राज़


Suna Hai Uske Labon Se Gulaab Jalate Hai

So Bahaar Pe Ilzaam Dhar Ke Dekhte Hai -Ahmad Faraz


 

गुलों की वो रानी हर एक अदा गुलाब सा है
जिसे पढ़कर भूल जाऊँ वो चेहरा किताब सा है

 

Gulon Ki Wo Rani Har Ek Ada Gulaan Sa Hai

Jise Padhkar Bhool Jaun Wo Chehara Gulaab Sa Hai


 

आज पैगाम भी आया गुलाब भी आया
अच्छी नींद भी आई अच्छा ख्वाब भी आया


Aaj Paigaam Bhi Aaya Gulaab Bhi Aaya

Achchi Nind Bhi Aayi Achcha Khwaab Bhi Aaya


 

खेती खुश्बुओं की है या कोई गुलाब रखते हो
जो पहली पहली कली का इतना हिसाब रखते हो


Kheti Khusbuon Ki Hai Ya Koi Gulaab Rakhte Ho

Jo Pahli Kali Ka Itna Hisaab Rakhte Ho


 

Rose Flower Shayari



तुम्हें दे रहा हूं फूल गुलाब का
कोई जवाब नहीं है आपका

 

Tumhe De Raha Hu Phool Gulaab Ka

Koi Jawaab Nahi Hai Aapka


 

गुलाब से पूछो कि दर्द क्या होता है
देता है पैगाम मोहब्बत का और खुद कांटो में रहता है


Gulaab Se Poocho Ki Dard Kya Hota Hai

Deta Hai Paigaam Mohabbat Ka Aur Khud Kaanto Me Reahata Hai


 

बंद-ए-क़बा में बांध लिया ले के दिल मिरा
सीने पे उस के फूल खिला है गुलाब का -अहमद हुसैन माइल


Band-e-Kaba Me Baandh Kiya Le Ke Dil Mera

Seene Pe Us Ke Phool Khila Hai Gulaab Ka -Ahmad Husain Maail


 

सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती
तो माली सारे शहर का महबूब बन जाता


Sirf Gulaab Dene Se Agar Mohabbat Ho Jaati

Toh Maali Saare Shehar Ka Mehboob Ban Jaata


 

Hindi Shayari On Rose



दिन में आने लगे हैं ख़्वाब मुझे
              उसने भेजा है इक गुलाब मुझे –इफ़्तिख़ार राग़िब


Din Me Aane Lage Hai Khwaab Mujhe

Usne Bheja Hai Ik Gulaab Mujhe -Ifthikhaar Raagib


 

रंगत उस रुख़ की गुल ने पाई है
और पसीने की बू गुलाब में है -सख़ी लख़नवी


Rangat Us Rukh Ki Gul Ne Paayi Hai

Aur Paseene Ki Boo-Gulaab Me Hai -Sakhi Lahnavi


 

खुशबू में डूब जायेंगी यादों की डालियाँ
होंठों पे फूल रखके कभी सोचना मुझे


Khusbu Me Doob Jayengi Yaadon Ki Daaliya

Hontho Pe Phool Rakhke Kabhi Sochana Mujhe


 

निकल गुलाब की मुट्ठी से और ख़ुशबू बन
       मैं भागता हूँ तिरे पीछे और तू जुगनू बन -जावेद अनवर

 

Nikal Gulaab Ki Mutthi Se Aur Khusbu Ban

Mai Bhagat Hu Tere Peeche Au Tu Jugnu Ban -Javed Anwar


 

Shayari On Rose



भरी बहार में इक शाख़ पर खिला है गुलाब
     कि जैसे तूने हथेली पे गाल रक्खा है – अहमद फ़राज़


Bhari Bahaar Me Ik Shaakh Par Khila Hai Gulaab

Ki Tune Jaise Hatheli Pe Gaal Rakha Hai -Ahmad Faraz


 

फलसफा जो उनकी आँखों का समझ पाया
गुलाब एक बार प्यार से देखा तो सब बयां हो गया

 

Falsafa Jo Unki Aankho Ka Samajh N Paaya

Gulaab Ek Baar Pyaar Se Dekha Toh Sab Baya Ho Gaya


 



                                             मैं चाहता था कि उस को गुलाब पेश करूँ
                                        वो ख़ुद गुलाब था उस को गुलाब क्या देता – अफ़ज़ल इलाहाबादी

Mai Chahata Tha Ki Us Ko Gulaab Pesh Karu

Wo Khud Gulaab Tha Us Ko Gulaab Kya Deta -Afzal Illahabadi


 

अपना इल्ज़ाम मेरे सर डाला यार तुमने कमाल कर डाला
एक ताज़ा गुलाब चेहरे को एक पुरानी मिसाल कर डाला


Apna Ilzaam Mere Sar Daala Yaar Tumne Kamaal Kar Daala

Ek Taaza Gulaab Chehare Ko Ek Puraani Misaal Kar Daala


 

एक गुलाब मेरी तरफ से
दूसरी गुलाब के लिए


Ek Gulaab Meri Taraf Se

Doosari Gulaab Ke Liye




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    Rose Day Shayari In Hindi | हैप्पी रोज डे शायरी Rose Day Shayari In Hindi | हैप्पी रोज डे शायरी Reviewed by Feel neel on December 23, 2019 Rating: 5

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